मैंने अपनी माँ के चरणों में भगवान को देखा है अपने सपनों को उसकी आँखों में खिलते सदाबहार देखा है माँ के हाथों में अपने भविष्य का आकार देखा है जागते हुए हर सपने को साकार देखा है हवन की अग्नि में और अजान की ध्वनि में गुरबाणी की शकल में और बुद्ध की अक्ल... Continue Reading →